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Hindi shayari – INTEJAR shayari

आँखों में बसी है प्यारी सूरत तेरी;

 और दिल में बसा है तेरा प्यार;

 चाहे तू कबूल करे या ना करे; 

हमें रहेगा तेरा इंतज़ार!
😢
कब उनकी पलकों से इज़हार होगा;

 दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा;

 गुज़र रही है रात उनकी याद में; 

कभी तो उनको भी हमारा इंतज़ार होगा!

😢
नज़र चाहती है दीदार करना; 

दिल चाहता है प्यार करना; 

क्या बतायें इस दिल का आलम;

 नसीब में लिखा है इंतजार करना।

😢
ज़ख्म इतने गहरे हैं इज़हार क्या करें;

 हम खुद निशान बन गए वार क्या करें;

 मर गए हम मगर खुलो रही आँखें; 

अब इससे ज्यादा इंतज़ार क्या करें!

😢
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा;

 यादें काटती हैं ले-ले के नाम तेरा; 

मुद्दत से बैठे हैं तेरे इंतज़ार में; 

कि आज आयेगा कोई पैगाम तेरा!

😢
हमने ये शाम चराग़ों से सजा रक्खी है;​​ 

​आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं;

 ​हवा टकरा रही है शमा से बार-बार;​​ 

​और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रक्खी है।

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“ए पलक तु बन्‍द हो जा, 

ख्‍बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी 

इन्‍तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी 

कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी ”

😢
उनका भी कभी हम दीदार करते है 

उनसे भी कभी हम प्यार करते है 

क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी 

पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है !

😢
उसके इंतजार के मारे है हम.. 

बस उसकी यादों के सहारे है हम…

 दुनियाँ जीत के कहना क्या है अब..?? 

जिसे दुनियाँ से जीतना था आज उसी से हारे है हम..

😢
तेरे इंतजार मे कब से उदास बैठे है 

तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे है 

तू एक नज़र हम को देख ले 

इस आस मे कब से बेकरार बैठे है
😢
कोई वादा नहीं फिर भी तेरा इंतज़ार है! 

जुदाई के बाद भी तुम से प्यार है!

 तेरे चेहरे की उदासी बता रही है! 

मुझसे मिलने के लिये तू भी बेकरार है!

😢
उसने कहा अब किसका इंतज़ार है;

 मैंने कहा अब मोहब्बत बाकी है;

 उसने कहा तू तो कब का गुजर चूका है 

‘मसरूर’; मैंने कहा अब भी मेरा हौसला बाकी है!

😢
एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है;

 इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है;

 उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद;

 फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है!

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होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का;

 शायद नज़रों से वो बात हो जाए; 

इस उम्मीद से करते हैं इंतज़ार रात का; 

कि शायद सपनों में ही मुलाक़ात हो जाए!

😢
मजा तो हमने इंतजार में देखा है, 

चाहत का असर प्यार में देखा है,

 लोग ढूंढ़ते हैं जिसे मंदिर मस्जिद में, 

उस खुदा को मैने आपमें देखा है

😢

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